Thursday, November 1, 2018

आधुनिक युग के मनुष्य का अमानवीय दृष्टिकोण

जैसे-जैसे इंसान को किसी से मोहब्बत होने लगती है ठीक वैसे-वैसे नफरत बढ़ती जाती है।
जब इंसान किसी को किसी से अपनेपन का अहसाह हो और उससे बातें करने लगे तो उससे दूरियां भी बढ़ती जाती है। लोग जब समझदार होने की कच्छी उम्र में होते है तब और भी अमानवीय रूप से बर्बर होते जाते हैं। ठीक वही हाल अभी हम मानवजाति भी लग रहा है। आप सब अच्छे लोगों के साथ रहें, अच्छा खाएं, स्वस्थ रहें और अपनी निष्पक्ष और बेबाकी सोच को एक नई आयाम/गति दें। इन्ही शुभकामनाओं के साथ सुप्रभात!

सुरेन्द्र कुमार कन्नौजी (नास्तिक उर्फ़ धर्ममुक्त) 2018©

आधुनिक युग के मनुष्य का अमानवीय दृष्टिकोण

जैसे-जैसे इंसान को किसी से मोहब्बत होने लगती है ठीक वैसे-वैसे नफरत बढ़ती जाती है। जब इंसान किसी को किसी से अपनेपन का अहसाह हो और उस...