Thursday, March 30, 2017

क्या गारेंगा सचमुच विकास की ओर अग्रसर हो रहा है?

*समस्या क्र.-5*

*क्या गारेंगा सच में विकास की ओर अग्रसर हो रहा है?*

साथियों आज हम इस पोस्ट के जरिये चर्चा करेंगे की *गारेंगा* सचमुच *विकास की ओर अग्रसर हो रहा है?*
अथवा *गारेंगा की जनता वाकई मे जागरूक हो रही है?*
अगर आपका जवाब है *हाँ* तो कैसे?
कुछ ऐसा ही सवाल आज हम आपके सामने पेश कर रहे हैं,
की ऐसे वक्त (माहौल) मे आप क्या कर सकते हैं|

1) यदि सरकारी टीचर स्कूल में पढ़ाने न आए तो आप क्या कर सकते हैं?

2) यदि डॉक्टर मरीज का इलाज न करे तो आप क्या कर सकते हैं?

3) यदि राशन दुकानदार सरेआम आपके राशन की चोरी करे तो आप क्या कर सकते हैं?

4) यदि पुलिस वाला हमारी शिकातय पर कार्रवाई न करे तो आप क्या कर सकते हैं?

5) यदि सरकारी इंजीनियर ठेकेदार से रिश्वत खाकर घटिया सड़क पास कर दे जो चंद दिनों में टूट जाए तो आप क्या कर सकते हैं?

6) आप क्या कर सकते हैं यदि सफाईकर्मी अपना काम ठीक से नहीं करते और आपका इलाका बदबू मारता है?

7) ज्यादा से ज्यादा हम बड़े अफसरों को शिकायत करते हैं लेकिन हमारी शिकायतों पर कोई सुनवाई नहीं होती।

कुल मिलाकर, सरकारी स्कूलों में न आने वाले शिक्षकों या सफाई न करने वाले सफाईकर्मी, राशन दुकानदार, सरकारी ठेकेदार, नेताओं, पुलिसवालों या अफसरों पर हमारा कोई नियंत्रण नहीं है।
और यही कारण है कि आजादी के 62 साल बाद भी देश में इतनी अशिक्षा और गरीबी है। लोग टीबी जैसी सामान्य बीमारी से मर रहे हैं। लोग भूखे पेट सोने को मजबूर हैं। सड़कें टूटी हुई हैं और शहर गंदगी का ढेर बन गए हैं।
कहने को तो लोकतंत्र में हम मालिक हैं। लेकिन सच्चाई ये है कि इसमें हमारी भूमिका सिर्फ 5 साल में एक बार वोट देने तक ही सीमित है और अगले 5 साल हम नेताओं और असफरों के सामने गिड़गिड़ाते रहते हैं जो हमारी एक नहीं सुनते।

_तो साथिओं आशा है हमारा यह लेख को गहन अध्ययन करने के बाद आपके मन मे कोई विचार आया होगा की आप किस तरह इन सब भ्रष्टाचार के विरुद्ध ठोस कदम उठा सकते हैं|_

तो साथिओं आज का हमारा यह लेख कैसा लगा?
हमे जरूर बतायें हमारे वाट्सएप ग्रूप *विकास चर्चा मंच गारेंगा* मे अथवा हमारे *वेबसाइट* http://surendrakannouji143.blogspot.com पर
आपके द्वारा भेजा गया बेहतरीन सुझाव को अपने *वेबसाइट* आपके नाम और फोटो के साथ प्रकाशित करेंगे|

*धन्यवाद*

powered by-
*सुरेन्द्र कुमार कन्नौजी*

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