ठोकर मार के देखो
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1. ठोकर मारो धार्मिक गुलामी को ।
2. ठोकर मारो पूर्वजों के हत्यारों को जो देवता बने हुए हैं ।
3. ठोकर मारो उन किस्से व कहानियों को जो हमें नीच व उन्हें ऊँच बताते हैं ।
4. ठोकर मारो उन परम्पराओं को जो ऊँच नींच सिखलाती हैं ।
5. ठोकर मारो उस राम-राम या जय श्रीराम को जिसे सुबह-शाम, आते-जाते, उठते-बैठते किया करते हो ।
6. ठोकर मारो व्रत, तीज व त्योहारों को जिनके नाम पर हम लुटते हैं ।
7. ठोकर मारो पंडे और पुजारियों को जो देश और देशवासियों को लूट रहे हैं ।
8. ठोकर मारो तिलक, कलावा, लाल, काले धागे व ताबीजों को जो अंधविश्वास को बढ़ावा देते हैं ।
9. ठोकर मारो जी हजूरी व गांव की मजदूरी को जो हमें गुलामी में बांधती है ।
10. ठोकर मारो किस्मत, भाग्य, नसीब व ऊपर वाले की कृपा को जो हमें अपने कर्तव्य से अलग करती है ।
11. ठोकर मारो करवा चौथ, भैया दूज, रक्षा बंधन, अचौटे, पचौते, जात लगाना, जागरण करना, बकरा काटना व होली और दीवाली को ।
साथियो,
मैंने तो ठोकर मार दी । आप ये पवित्र काम कब करने जा रहे हैं ?
• हिम्मत जुटाइए अगर एक ठोकर सदियों की गुलामी से मुक्ति दिलाने में मदद करती हो तो सोचना कैसा ?
• मारो ठोकर ।
सबका मंगल हो !
🙏🙏🙏
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