Saturday, July 15, 2017

गारेंगा के दुर्दशा को बयां करता मेरा यह लेख....


नमस्कार!
साथिओं आज मै आपके साथ गारेंगा के विषय मे चर्चा करना चाहूँगा |
साथिओं आज हम गारेंगा के विकास के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए कई सारे हथकंडे अपना रहे हैं,
*only on garenga*, *विकास चर्चा मंच गारेंगा*, (कुछ समय पश्चात गाँव कनेक्शन गारेंगा के नाम से परिवर्तन कर दिया गया) गाँव कनेक्शन गारेंगा 2 गाँव कनेक्शन गारेंगा 3 और अब *"only on garenga come back"*
जैसे whatsapp पर कई सारे ग्रूप बनाये पर क्या इससे गारेंगा का विकास संभव है?
स्वयं वनों का भयादोहन (अंधाधुंध कटाई) करेंगे, एक भी वृक्ष नही लगायेंगे विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर
वाट्सएप्प, फेसबुक और दीवारों पर *"save trees, save water"* जैसे आदेशात्मक वाक्य लिखेंगे,
और बात करेंगे विकास की |
रोज 5 बाल्टी पानी से नहायेंगे और लिखेंगे *"save water, save life"*  (अरे! पूर्व भारतीय क्रिकेटर @सचिन तेन्दुलकर साहब पिछले कई दिनों से आज तक 1 ही बाल्टी पानी से नहाते हैं हमको इनसे कुछ सीखना चाहिए) |
गारेंगा मे *"उज्जवला योजना"* के तहत लगभग एक तिहाई लोगों को गैस कनेक्शन मिल चुका है फ़िर भी वनों मे जायेंगे 15-20 पेड़ का बलि चडायेंगे और बात करेंगे विकास की |
किसी के घर मे शादी, सगाई और क्रियाक्रम जैसे सांसकृतिक कार्यक्रम के लिए 1 गाडी के नाम पर 5 गाडी जलाऊ लकडी (बैल गाडी) लायेंगे (भैया पुरे गारेंगा का काम तुम ही निपटाओगे क्या?)
और बात करेंगे विकास की |
खुद तो दिन भर बिजली का दुरुपयोग करेंगे और कहेंगे *"बिजली नही यह सोना है व्यर्थ नही इसे खोना है''* |
पुरे भारत मे (कर्नाटक के कुछ हिस्सों को छोड़कर) *"प्रधानमंत्री स्वच्छ भारत योजना"* के तहत शौचालय बनने के बाद भी गारेंगा मे तालाब के किनारे, खेतों मे और सड़क के किनारे शौच जायेंगे और बात करेंगे विकास की |
चुनावी माहौल पर मतदान का परिभाषा और वोट की ताकत जाने बगैर *"तुम मुझे नोट दो मै तुम्हे वोट दूँगा"* जैसे धारणा बनायेंगे, चुनावी प्रत्याशी से पैसे लेंगे फ़िर वोट देंगे |
मतदाता स्वयं चुनावी तिथि से भ्रष्टाचार करेंगे (वोट देने के लिए उम्मीदवार से रिश्वत लेकर | क्यों की  रिश्वत लेना और देना दोनों ही अपराध है |) और चुनाव के बाद कहेंगे की काँग्रेस अपने 60 साल के कार्यकाल मे एक भी देश हित के लिए कार्य नही किया और भा.ज.पा को 4 साल होने को है और कोई संतुष्टि के लायक कार्य नही कर रहा है |
जब मतदाता ही पहला दिन से भ्रष्टाचार करेंगे तो सरपंच/नेता/मंत्री से विकास की उम्मीद कैसे?
अपने बच्चे को पढायेंगे नही (स्कूल नही भेजेंगे) और पूछने पर कहेंगे घर मे काम करने वाले नही हैं |
अरे!
अपने बच्चों को स्कूल भेजो *बाबा साहब डा. भीमराव अम्बेडकर* जी ने कहा था *''भले खुद कम खाओ पर बच्चे को पुरा  खिलाओ और पढाओ क्यों कि शिक्षा शेरनी का वो दूध है जो पियेगा वही दहाडेगा''* |
आज भारत का आज़ादी के 70 वर्ष होने को है और आज भी जाति प्रथा कायम है, जात-पात और ऊंच-नीच जैसे घातक जहर दिल-ओ-दिमाग मे है |

स्वतंत्र दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय त्योहारों मे दिखावे के लिए वाट्सएप्प, फेसबुक प्रोफाईल पर तिरंगे झंडे, 'i love my india' का फोटो लगायेंगे एवं तिरंगे झंडे खरीदेंगे, भारत माता की जय, और वन्दे मातरम जैसे देश भक्ति के नारे लगायेंगे और दूसरे दिन वही झंडे को फेंक देंगे, जमीन मे गिरा हुआ झंडा के ऊपर से चले जायेंगे पर उठायेंगे नही |

स्वयं तो कुछ बोलेंगे/करेंगे नही पर जो बोलेगा/करेगा उसको ठोकेंगे (हस्तक्षेप करेंगे) जरुर और बात करेंगे विकास की |
सच्च मे सोचने वाली बात नही!
खुद तो समझेंगे नही पर दूसरे को समझायेंगे जरुर |
अरे! साहब पहले आप खुद समझिए फ़िर दूसरे को समझाईए क्यों की सच्ची आज - कल लोग समझते कम और समझाते ज्यादा हैं इसलिए बात सुलझता कम उलझता ज्यादा है |
आज इतिहास गवाह है लोग खुद तो करेंगे नही पर देशहित की बात करेगा उसे पागल कहेंगे जरुर; अगर ऐसा ही है तो मै भी उन्ही पागलों मे से एक हुँ |
और तो और गारेंगा/ग्रूप (only on garenga come back) मे स्वयं से लिखने वाले कई ऐसे सुशिक्षित महाशय हैं जो कहेंगे की लिखने वाले ने यह लेख दूसरे का copy किया है,
अगर ऐसा ही है तो इसमे छुपाने की कोई आवश्यकता नही हाँ मै copy किया हुँ, दूसरे का कंटेंट चोरी किया हुँ क्यों की मै उन लोगों की तरह नही हुँ जो अभिमन्यू की तरह अपनी माँ की खोक से ज्ञान अर्जीत करके आये हैं;
मै जो कुछ भी सीखा हुँ वो यहाँ आने के बाद (पैदा होने के बाद) किसी का देखकर, किसी का सुनकर और कहीं से पढ कर सीखा हूँ |
साथिओं इन सब चिजों को केवल सोचने से गारेंगा का विकास संभव नही है |
गारेंगा का विकास तभी संभव है जब हम किसी चिज को सोचेंगे ही नही वरन उस सोच को अमल भी करेंगे अन्यता कद्दापी संभव नही हो सकता |
साथिओं, मेरे मित्र, भाई-बहन और पितातुल्

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